कैसे यार मुझे भा गई मुहब्बतहँसते लड़के को खा गई मुहब्बतइक कोने में बैठ बहाता है अश्ककि ज़ुल्म कैसा ये ढा गई मुहब्बतउस रस्ते को ही छोड़ आया मैं तोफिर से रस्ते में आ गई मुहब्बत— Saurabh Chauhan 'Kohinoor'