मिरी याद उस को सताती तो होगी
वो ग़ज़लें मिरी गुनगुनाती तो होगी
हमारे वो क़िस्से जो हम जानते हैं
सहेली को अपनी बताती तो होगी
सभी से वो कहती है मैं ख़ुश बहुत हूँ
मगर मुझ से दूरी रुलाती तो होगी
जो बातें थी उस की मैं सुन ही न पाया
वो बातें मियाँ को सुनाती तो होगी
अधूरी रही ये मुहब्बत हमारी
यही बात दिल को दुखाती तो होगी
— Saurabh Chauhan 'Kohinoor'















