किसी का रिन्द मयख़ाना किसी का
किसी की आँख पैमाना किसी का
किसी की जान ले लेगा किसी दिन
किसी से यूँ ही शरमाना किसी का
किसी की ज़िन्दगी बर्बाद कर दी
किसी से रूठ कर जाना किसी का
किसी को दे गया सहरा नवर्दी
किसी से दूर हो जाना किसी का
किसी के साथ जीने की तलब में
किसी पर यूँ ही मर जाना किसी का
— Shadab Shabbiri















