farishton ko agar mirii tarah uski ziyaarat ho | फ़रिश्तों को अगर मेरी तरह उसकी ज़ियारत हो

  - Shajar Abbas

फ़रिश्तों को अगर मेरी तरह उसकी ज़ियारत हो
फ़रिश्तों पर ये लाज़िम है फ़रिश्तों को भी हैरत हो

मुहब्बत हो वफ़ा हो इंकिसारी हो शराफ़त हो
हो चेहरा साँवला चाहे मगर दिल ख़ूबसूरत हो

तू मेरे दर्द को समझे तू उसके हाल पर रोए
तिरे बेटे को भी इक शाहज़ादी से मुहब्बत हो

मुहब्बत में 'अजब से मोड़ पर आकर खड़े हैं हम
उन्हें हमसे शिकायत है हमें उन से शिकायत हो

तिरे कूचे में तेरे दर के आगे हो मिरा मदफ़न
दुआ गो हूँ ख़ुदा से मैं मिरी पूरी ये हसरत हो

तुम्हें देखूँ तुम्हें चूमूँ तुम्हें चूमूँ या मैं देखूँ
मिरी मर्ज़ी है चुप बैठो कि तुम मेरी अमानत हो

  - Shajar Abbas

Birthday Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Shajar Abbas

As you were reading Shayari by Shajar Abbas

Similar Writers

our suggestion based on Shajar Abbas

Similar Moods

As you were reading Birthday Shayari Shayari