use ye khat men likhoonga badaa akela hooñ | उसे ये ख़त में लिखूँगा बड़ा अकेला हूँ

  - Shajar Abbas

उसे ये ख़त में लिखूँगा बड़ा अकेला हूँ
ऐ मेरी जान-ए-तम्मना बड़ा अकेला हूँ

फिर इसके बाद लिखूँगा भरे ज़माने में
कोई बशर नहीं मेरा बड़ा अकेला हूँ

उन्होंने पूछा था रसमन के आप कैसे हो
तो मेरे मुँह से ये निकला बड़ा अकेला हूँ

पलट के तुम नहीं आओगे जब तलक तो तुम्हें
ख़ुतूत लिखता रहूँगा बड़ा अकेला हूँ

ये कहता रहता है हर लम्हा सल्तनत से शजर
यकीन कीजिए मेरा बड़ा अकेला हूँ

  - Shajar Abbas

Breakup Shayari

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