"मुहब्बत"
आप से मुहब्बत थी
आप से मुहब्बत है
आप से मुहब्बत ये
उम्र भर रहे शायद
ये यहाँ जो शायद है
इस का एक मतलब है
गर कभी जो क़िस्मत से
राह में मिले हम तुम
तो तुम्हें फ़राग़त से
ये जो लफ़्ज़ शायद है
इस का जो भी मतलब है
बैठ कर बताएँगे
फ़िक्र-मंद मत होना
ज़ेहन तंग मत करना
मुख़्तसर से लफ़्ज़ों में
आप ये समझ लो बस
आप से मुहब्बत थी
आप से मुहब्बत है
— Shajar Abbas















