ख़ानदानी हूँ सो ग़द्दारी नहीं कर सकतामैं मोहब्बत में अदाकारी नहीं कर सकताइश्क़ रग रग में मेरे जिस्म की बहता है शजरजिस्म से दूर ये बीमारी नहीं कर सकता— Shajar Abbas