
मैं तुम को अच्छी तरह जानता हूँ कैसे हो
सो मेरे सामने मत झूठी क़स
में खाओ तुम
हमेशा कूचा-ए-दिल में मकीं रहोगे मेरे
ये बात सोच रहे हो तो भूल जाओ तुम
— Shajar Abbas
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