
मुझ सेे मिरे अहबाब हसद करने लगे हैं
मिल कर सभी दुश्मन की मदद करने लगे हैं
था इश्क़ की मैं जितनी रिवायात का रावी
वो सारी रिवायात ये रद करने लगे हैं
— Shajar Abbas
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