maut ke baad bhi tumhein chaaha | मौत के बाद भी तुम्हें चाहा

  - SHIV SAFAR

मौत के बाद भी तुम्हें चाहा
इस क़दर ज़िंदगी तुम्हें चाहा

मैं तो तुमको भुला भी दूँ लेकिन
मेरे साए ने भी तुम्हें चाहा

जब तलक मेरे दिल में चाहत थी
मैं फ़क़त आख़िरी तुम्हें चाहा

सोचता हूँ मैं देख कर ख़ुद को
मैंने बे-कार ही तुम्हें चाहा

एक मौक़ा मिला था जीने का
मैंने इस बार भी तुम्हें चाहा

जब ज़मीं पर कहीं न चाहत थी
मैंने उस वक़्त भी तुम्हें चाहा

इक तरफ़ मौत इक तरफ़ थी ज़ीस्त
फिर भी शाह-ए-परी तुम्हें चाहा

  - SHIV SAFAR

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