vo kya tha vo haan daar ka matlab nahin pata | वो क्या था वो हाँ दार का मतलब नहीं पता

  - SHIV SAFAR

वो क्या था वो हाँ दार का मतलब नहीं पता
यानी कि तुमको प्यार का मतलब नहीं पता

अम्मी से मार खाए पर अब्बू से बच गए
फिर तुमको अस्ल मार का मतलब नहीं पता

वो जो समझ रहे हैं मेरे दिल को दिल उन्हें
हो सकता है दरार का मतलब नहीं पता

यानी वो राह-ए-इश्क़ न था जिसपे तुम चले
वर्ना न कहते ख़ार का मतलब नहीं पता

फूलों से दोस्ती वहीं काँटों से दुश्मनी
तुमको तो फिर बहार का मतलब नहीं पता

जो लोग मुझ सेे कहते हैं छोड़ो ये शाइरी
शायद उन्हें वक़ार का मतलब नहीं पता

अफ़सोस कहते कहते ‘सफ़र’ मर गया मगर
दुनिया को अब भी प्यार का मतलब नहीं पता

  - SHIV SAFAR

Friendship Shayari

Our suggestion based on your choice

More by SHIV SAFAR

As you were reading Shayari by SHIV SAFAR

Similar Writers

our suggestion based on SHIV SAFAR

Similar Moods

As you were reading Friendship Shayari Shayari