उम्मीद रहे बाकी, बाकी सब चला जाएकोई छला हुआ आख़िर कितना छला जाएमाचिस तीली चिंगारी से कोई राबता नहींकोई उस के हाथ पकड़े और मुझे जला जाए— Shobhit Dixit