जज़्बा ए शौक़ से सिवा क्या है
सर में सौदा नया नया क्या है
इश्क़ करने में नेमतें हैं तमाम
और मैं क्या बताऊँ क्या क्या है
देख कर आप को ये सोचता हूँ
फूल सा शाख़ पर खिला क्या है
हर किसी को नहीं ये फ़न हासिल
शे'र कहता हूँ तो बुरा क्या है
— Sumit Panchal
सर में सौदा नया नया क्या है
इश्क़ करने में नेमतें हैं तमाम
और मैं क्या बताऊँ क्या क्या है
देख कर आप को ये सोचता हूँ
फूल सा शाख़ पर खिला क्या है
हर किसी को नहीं ये फ़न हासिल
शे'र कहता हूँ तो बुरा क्या है
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