mere tum saath bas itni vafaa karna | मेरे तुम साथ बस इतनी वफ़ा करना

  - BR SUDHAKAR

मेरे तुम साथ बस इतनी वफ़ा करना
नहीं कुछ बस मेरा तुम हक़ अदा करना

हमारे रास्ते बिल्कुल अलग है अब
मैं क्या करता हूँ इस सेे तुम को क्या करना

बना दे ज़ख़्म जो वो भर नहीं सकते
भले फिर तुम दवा करना दु'आ करना

है उसका जादू ऐसा देखे जो बोले
इसे तुम यार इक और मर्तबा करना

यहाँ आता नहीं कोई सिवा तेरे
मुझे तू मेरे ख़्वाबों में मिला करना

मुझे तुम ख़ुद में भी जाॅं देख सकती हो
ख़ुदी से कभी तुम बाते किया करना

जो भी थे क़ैद मेरे साथ बस उनका
मुझे चेहरा दिखा दो फिर रिहा करना

जिन्हें चाहे तू उनको देख पहले,पर
इन्हीं के बाद मेरा भी भला करना

  - BR SUDHAKAR

Gham Shayari

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