ये सफ़र इक रास्ते में थम गया तो क्या हुआ
छोड़ मेरे हाथ को हमदम गया तो क्या हुआ
तुम तो ख़ुद ही रूठ कर बैठे थे अपने यार से
यार तेरा ग़ैर के बाहम गया तो क्या हुआ
आप कितने ख़ुश हुए थे हमको हैरांँ देखकर
आपके हिस्से में आधा ग़म गया तो क्या हुआ
हर दफ़ा मैं जीत जाऊँ ये तो मुमकिन है नहीं
इक दफ़ा मैदान से मातम गया तो क्या हुआ
'इश्क़ तुम भी कर रहे थे मौसमों को देखकर
और फिर जो प्यार का मौसम गया तो क्या हुआ
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