ye safar ik raaste men tham gaya to kya hua | ये सफ़र इक रास्ते में थम गया तो क्या हुआ

  - Sunny Seher

ये सफ़र इक रास्ते में थम गया तो क्या हुआ
छोड़ मेरे हाथ को हमदम गया तो क्या हुआ

तुम तो ख़ुद ही रूठ कर बैठे थे अपने यार से
यार तेरा ग़ैर के बाहम गया तो क्या हुआ

आप कितने ख़ुश हुए थे हमको हैरांँ देखकर
आपके हिस्से में आधा ग़म गया तो क्या हुआ

हर दफ़ा मैं जीत जाऊँ ये तो मुमकिन है नहीं
इक दफ़ा मैदान से मातम गया तो क्या हुआ

'इश्क़ तुम भी कर रहे थे मौसमों को देखकर
और फिर जो प्यार का मौसम गया तो क्या हुआ

  - Sunny Seher

Love Shayari

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