मुझे पीछे हटाना चाहते हो
अरे तुम क्या कराना चाहते हो
जिसे ख़ुद आग पानी दे रही है
उसे तुम क्यूँ जलाना चाहते हो
वही जो थामता है रोज़ तुम को
उसी को तुम गिराना चाहते हो
भजे जो रोज़ विषधर को नमन कर
उसे तुम विष पिलाना चाहते हो
— Vishakt ki Kalam se
अरे तुम क्या कराना चाहते हो
जिसे ख़ुद आग पानी दे रही है
उसे तुम क्यूँ जलाना चाहते हो
वही जो थामता है रोज़ तुम को
उसी को तुम गिराना चाहते हो
भजे जो रोज़ विषधर को नमन कर
उसे तुम विष पिलाना चाहते हो
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