"मर रही हूँ"
उसे कहना मैं मर रही हूँ
आँखें अभी खुली हुई हैं
वक़्त मिले तो लोट आए
सांसे अभी रुकी नहीं हैं
बातें पुरानी भुला चुकी हूँ
ख़त सभी जला चुकी हूँ
सच तुझे बता रही हूँ
इंतिज़ार तिरा मैं कर रही हूँ
मैं धीरे धीरे मर रही हूँ
याद तूझे बस कर रही हूँ
वजूद तिरा यहीं कहीं है
यक़ीं मैं ख़ुद को दिला रही हूँ
— ALI ZUHRI















