दर्द में जो रोते होंगे
मेरे जैसे होते होंगे
बे-वफ़ा तो वो नहीं है
उम्र भर ग़म ढोते होंगे
पेड़ सब पीले पड़े है
उड़ गए सब तोते होंगे
मेरे आँसू चुप हैं जैसे
बहने से वो खोते होंगे
काँटे क़िस्मत में हैं जैसे
काँटे हर पल बूते होंगे
हम-सफ़र साँसें ले बैठा
ख़्वाब मेरे रोते होंगे
— Yogamber Agri















