इस जहाँ के सारे मंज़र उस की आँखों से छुएउस ने नज़रें फेर लीं तो मैं भी अंधा हो गयाधीरे धीरे हो गई मसरूफ़ अपनी ज़िंदगीरफ़्ता रफ़्ता आशिक़ी का शौक़ पूरा हो गया— ZARKHEZ