KHud se main mila hooñ to hararat se mila hooñ | ख़ुद से मैं मिला हूँ तो हरारत से मिला हूँ

  - ZafarAli Memon

ख़ुद से मैं मिला हूँ तो हरारत से मिला हूँ
तुझ से जो मिला हूँ तो मोहब्बत से मिला हूँ

माना कि तू दरिया है तू सूरज है तू शब है
पर तुझ से मिला हूँ तो मैं पर्वत से मिला हूँ

लोगों से मिला हूँ तो मैं सरवत की अकड़ से
जब रब से मिला हूँ तो मैं ग़ुर्बत से मिला हूँ

दोज़ख़ को ज़रा याद किया हो तो बताओ
है कोई जो कह दे कि शरीअत से मिला हूँ

मिलना हो किसी ने जो मुहम्मद से तो कहना
पर ग़ौर ये करना कि मैं सुन्नत से मिला हूँ

नाता तो हमारा है कई साल पुराना
मेवात नहीं मैं तुझे जन्नत से मिला हूँ

  - ZafarAli Memon

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