शक्कर भी अब कॉफी में कम-तर रखता हूँ
पहले उन के गालों को चख कर रखता हूँ
रखता हूँ सब के नंबर कॉपी में लिख कर
उन का नंबर मैं दिल के अंदर रखता हूँ
वो हो जाते है मुझ से ग़ुस्सा पल भर में
गर मैं कोई लड़की का नंबर रखता हूँ
माँ शर्माती कहने से मुझ-को पैसों का
फिर मैं बटुए में पैसे छुप कर रखता हूँ
पापा रो देते बच्चों से ये कहने में
मत लड़ना आपस में जो ये घर रखता हूँ
— ZafarAli Memon















