उस की दौलत से शनासाई हैदेर से बात समझ आई हैतू भी चुप-चाप खड़ा सुनता हैयार ये तेरी भी रुस्वाई हैदेख इक तेरी क़दर के हक़ मेंलड़की ने कैसी क़सम खाई है— Rahul