करोगे याद तो बीते ज़माने याद आएँगे
कि आएगा नहीं वो बस फ़साने याद आएँगे
मोहब्बत में नुमाइश है ख़ता सब से बड़ी प्यारे
नमक हाथों में ले कर सब दिलाने याद आएँगे
किया करते थे सब आदर कभी अपने बुज़ुर्गों का
करोगे याद अच्छे कुल-घराने याद आएँगे
बचेगा जब नहीं रहबर न कोई राह निकलेगी
फँसे नय्या को फिर साहिल पुराने याद आएँगे
— Shubham Rai 'shubh'















