banda kisi ke saath khuda ho kisi ke saath | बंदा किसी के साथ, ख़ुदा हो किसी के साथ

  - Mueed Mirza

बंदा किसी के साथ, ख़ुदा हो किसी के साथ
जाने पराए शहर में क्या हो किसी के साथ

  - Mueed Mirza

Shahr Shayari

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