नहीं मिटती किसी की भूकरोटी सेनहीं करतेकिसी के दर्द का दरमाँआँसूकहीं होता असरदी हुई दु'आओं कानहीं उठताकोई इंक़लाबलहू सेनहीं उगताकोई सब्ज़ापसीने सेफलता ही नहींकोई भी कामबाँधा ही नहीं गयाप्रेम सूतहमारी 'उम्रें गुज़र चुकी हैं— Aadil Raza Mansoori