jahaan jan | जहाँ जन्में थे उस पावन नगर में राम लौटे हैं

  - Aatish Indori

जहाँ जन्में थे उस पावन नगर में राम लौटे हैं
जलाओ दीप-माला राम अपने धाम लौटे हैं

प्रजा से जो था वा'दा वो निभाने धाम लौटे हैं
हुआ वनवास पूरा और नगर में राम लौटे हैं

पुकारा जब है तब भगवान धरती धाम लौटे हैं
कभी बन राम लौटे हैं कभी बन श्याम लौटे हैं

बजी जब बाँसुरी पर ख़ुद-ब-ख़ुद अमृतमयी इक धुन
लगा जैसे कि वृंदावन नगर में श्याम लौटे हैं

  - Aatish Indori

Wada Shayari

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