मुझ को मेरी बज़्म में आ कर गुज़रते देखिए
एक चिड़िया को यूँ अपने पर कतरते देखिए
कौन कहता है शराबी बेवजह ही पी रहा
अश्कों को तो जाम से नीचे उतरते देखिए
है जो मेरी ग़ज़लों में उस की नज़र को छोड़िए
आप थोड़ा मुझ को अपनी आँख मरते देखिए
आप मेरा सामना मुझ से भी करवा दो कभी
फिर उजालों से मुझे भी ख़ूब डरते देखिए
मेरे कमरे को क़रीने से सजा कर आइए
तब मुझे घर में कहीं थोड़ा बिखरते देखिए
— Abhinav Srivastav















