इस तरह तल्ख़ नवाई से नहीं चलता है
काम दुनिया में बुराई से नहीं चलता है
प्यार ज़िंदा है ज़माने में भले लोगों से
प्यार का नाम लड़ाई से नहीं चलता है
मेरे बच्चों की इबादत भी है इस
में शामिल
घर फ़क़त मेरी कमाई से नहीं चलता है
— Abrar Kashif
काम दुनिया में बुराई से नहीं चलता है
प्यार ज़िंदा है ज़माने में भले लोगों से
प्यार का नाम लड़ाई से नहीं चलता है
मेरे बच्चों की इबादत भी है इस
में शामिल
घर फ़क़त मेरी कमाई से नहीं चलता है
Other ghazal from the same pen
Shers of violence shayari collection.
Voices in the same orbit
Poetry by feeling