इस तरह ख़ुश्क-लब नहीं जाते
छोड़कर अपना सब नहीं जाते
जिम्मेदारी का बोझ था सर पर
वर्ना हम निस्फ़-शब नहीं जाते
वो जो आवारा थे वही लड़के
घर भी अब बे-सबब नहीं जाते
— Adesh Rathore
छोड़कर अपना सब नहीं जाते
जिम्मेदारी का बोझ था सर पर
वर्ना हम निस्फ़-शब नहीं जाते
वो जो आवारा थे वही लड़के
घर भी अब बे-सबब नहीं जाते
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