इश्क़ की बात ख़ुद शुरू कर केजा रहे हो कहाँ वुज़ू कर केसच बताऊॅं तो कुछ नहीं होतामैं ने देखा है उस को छू कर केहम ने इक ज़िंदगी गुज़ारी हैअपनी आँखें लहू लहू कर केआप कहते थे कल को जो हम सेबात करते हैं अब वो तू कर के— Adesh Rathore