बहता जो दरिया होता है
तुझ सा ही मीठा होता है
ख़ुदस बातें करता हूँ मैं
मूड तभी अच्छा होता है
नाम सभी के याद हुए हैं
चेहरा बस तेरा होता है
'इश्क़ नहीं है खेल नयन का
'इश्क़ सुनो अंधा होता है
देखो ज़्यादा शक करने से
लोगों में झगड़ा होता है
मुझको होंठ बता देते हैं
तू ने जब लड़ना होता है
दीवारें थी बहरी घर की
खुल के अब रोना होता है
लड़की तू आसान नहीं पर
मुश्किल में लड़का होता है
हम को ख़ुद मालूम नहीं है
हम ऐसों का क्या होता है
Our suggestion based on your choice
As you were reading Shayari by Akshay Sopori
our suggestion based on Akshay Sopori
As you were reading I Miss you Shayari Shayari