दीवारों से और घरों से बातें कर
फ़ुर्सत हो तो हम जैसों से बातें कर
तेरे जानिब इतनी ज़्यादा हिम्मत है
तो चल उस के सुर्ख़ लबों से बातें कर
अगर कुआँ है तो फिर मेरी प्यास बुझा
दरिया है तो मल्लाहों से बातें कर
इतना ज़्यादा शर्मीलापन ठीक नहीं
उस से कह देना लड़कों से बातें कर
— Ankit Yadav















