
बात कर के देखिए तो बात क्यूँ करते नहीं
लब भले जल जाएँ हम लफ्ज़ से फिरते नहीं
दोस्ती में दुश्मनी हो दुश्मनी में दोस्ती
जब निभाना हो मुरव्वत हम कहीं करते नहीं
— Ali Mohammed Shaikh
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