इस मतलबी जहान में अपना नहीं मिलाग़म तो मिले ग़मों का मदावा नहीं मिलालोगों का इक हुजूम था मतलब के वास्तेचाहे जो दिल से एक भी ऐसा नहीं मिला— Almas Rizvi