
प्रेम के आसक्त करते वेदना का जाप है
हम अभागों पर लगा पीड़ा का कोई श्राप है
इस का कोई दुख नहीं है रूष्ट सारे लोग हैं
किंतू क्रोधित सब से ज़्यादा हम से अपना आप है
— Aman Mishra 'Anant'
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