मेरी मर्ज़ी का कुछ भी हुआ ही नहीं
पर मुझे इस का कोई गिला ही नहीं
ख़ुद से करनी पड़ी दोस्ती एक दिन
और कोई मिरे पास था ही नहीं
एक जैसी ही है सोच सब की नए
लोगों से मिलने का फ़ाइदा ही नहीं
अब जहाँ भी है जैसे भी है ख़ुश रहे
क्या हुआ जो वो मेरा हुआ ही नहीं
— Amit Kumar















