ऐसा नहीं कि मुझको मुहब्बत नहीं हुई
इज़हार करने की कभी सूरत नहीं हुई
स्कूल ले गया था मैं उसके लिए गुलाब
लेकिन गुलाब देने की हिम्मत नहीं हुई
हालात ऐसे थे कि समझदार हो गए
बचपन में हम सेे कोई शरारत नहीं हुई
क्यूँ छोड़कर गया तू मुझे ऐसे हाल में
क्या एक बार भी तुझे ग़ैरत नहीं हुई
इक अप्सरा पे वार दी सारी मुहब्बतें
फिर उसके बाद मुझको मुहब्बत नहीं हुई
तुझ सेे भी ज़्यादा क़ीमती लोगों से बिछड़ा हूँ
सो तेरे छोड़ जाने पे हैरत नहीं हुई
देवी बता के औरतों को पूजते तो हैं
पर औरतों की देश में इज़्ज़त नहीं हुई
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