
कागज़ों की कश्ती पर दिल के ज़ख़्म ढोते हैं
हाथ लगती चीज़ों को हाथ लगते खोते हैं
एक दिन अँधेरे ने आके मुझ से बोला ये
जो उदास रहते नइँ वो उदास होते हैं
— Anmol Mishra
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