ख़ुशी से कुछ न मिला अब उदास रहने दो

मैं थक गया हूँ ग़मों के ही पास रहने दो

शराब पी के नशा क्यूँ ख़राब करना है
मुझे उन आँखों का दीदार पास रहने दो

— Arbab Shaz

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