mila kar nazar se nazar dekh lena | मिला कर नज़र से नज़र देख लेना

  - A R Sahil "Aleeg"

मिला कर नज़र से नज़र देख लेना
हो गै़रों से फ़ुर्सत इधर देख लेना

इधर देख लेना उधर देख लेना
जो मिल जाए मुझ सा बशर देख लेना

उसे देखता हूँ तो लगता है जैसे
अँधेरे में बर्क़-ओ-शरर देख लेना

मैं तोडूँगा जिस दिन ख़मोशी का ये बाँध
तू आ जाएगा राह पर देख लेना

नहीं दिल को मंजूर तेरे सिवा फिर
किसी का इधर इक नज़र देख लेना

जहाँ-भर से मिलने वो निकला है साहिल
नहीं आएगा मेरे घर देख लेना

  - A R Sahil "Aleeg"

Nazar Shayari

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