मैं मुसाफ़िर इश्क़ का हूँ मेरा सामान-ए-सफ़र बसकर्ब, ज़िल्लत, अश्क, वहशत, रंज-ए-उल्फ़त और तअस्सुफ़— A R Sahil "Aleeg"