अच्छा बोलो प्यार करोगे
अपनों सा व्यवहार करोगे
मेरी छोटी सी दुनिया को
अपना तुम संसार करोगे
सब्ज़ा ज़ार है ताबीरों का
सपनों से गुलज़ार करोगे
हाथ नहीं छोड़ोगे मुझ पे
शब्दों से इज़हार करोगे
प्रेम के मेरे हर मिसरे से
तुम अपना श्रृंगार करोगे
— Aryan Mishra















