भूलभुलैया था उन ज़ुल्फ़ों में लेकिनहम को उसमें अपनी राहें दिखती थींआप की आँखों को देखा तो इल्म हुआक्यूँ अर्जुन को केवल आँखें दिखती थीं— Ashraf Jahangeer