दिल की तरह ही अब मिरी दुनिया ख़राब है
सो अपना हाल इन दिनों अच्छा ख़राब है
आँसू बहे तो यूँ हुआ बीनाई बढ़ गई
फिर साफ़ साफ़ दिख गया क्या क्या ख़राब है
पहले-पहल तो मैं तिरा यक-तरफ़ा इश्क़ था
अब मेरा हाल तुझ से ज़ियादा ख़राब है
दुनिया से तंग शख़्स को अच्छी है ख़ुद-कुशी
ग़र्क़ाब होते शख़्स को तिनका ख़राब है
तो इश्क़ से मिटाएँगे दुनिया की नफ़रतें
'मिश्रा' जी आप ठीक हैं माथा ख़राब है
— Ashu Mishra















