dukh hamaara kam karenge aap rahne deejie | दुःख हमारा कम करेंगे, आप रहने दीजिये

  - Aslam Rashid

दुःख हमारा कम करेंगे, आप रहने दीजिये
आग को शबनम करेंगे, आप रहने दीजिये

आप ही के हुक्म से लाशें बिछी हैं हर तरफ़
आप भी मातम करेंगे, आप रहने दीजिये

आपने खोया किसे है, आपने देखा है क्या
आप किसका ग़म करेंगे, आप रहने दीजिये

चाक जितने भी गरीबां हो चुके हैं आज तक
हम उन्हें परचम करेंगे, आप रहने दीजिये

ज़िन्दगी ने ये सबक़ हमको सिखाया देर से
दर्द को मरहम करेंगे, आप रहने दीजिए

आपका तो शौक़ है जलते घरों को देखना
आप आँखें नम करेंगे, आप रहने दीजिये

  - Aslam Rashid

Deedar Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Aslam Rashid

As you were reading Shayari by Aslam Rashid

Similar Writers

our suggestion based on Aslam Rashid

Similar Moods

As you were reading Deedar Shayari Shayari