हुई जो मोहब्बत बसर सीकभी तो हुई बे-असर सीकभी दिलरुबा हो गई तोनहीं ज़िंदगी मुख़्तसर सीकभी तो गला मूँद जाएरहे बात भी मुन'असर सी— Aman Vishwakarma 'Avish'