इस दिल से खेलने का हुनर जानती है वो
कैसे करेगा ज़हर असर जानती है वो
जिस्मों से खेलकर गया वो शख़्स इस लिए
पछता रही है मेरी नज़र जानती है वो
आतिश-फ़िशाँ हैं फूट रहे उस को सोच कर
इस ज़िंदगी के चार पहर जानती है वो
उस को पता है काम मैं करता हूँ जान से
उस के तरफ़ से थी जो कसर जानती है वो
'रंजन' लगा रही है वो कैसी ये वीडियो
मुझ को जलाने का ये हुनर जानती है वो
— ABHISHEK RANJAN















