प्यार करोगे पछताओगे मारे जाओगे
महबूबा पर इतराओगे मारे जाओगे
नई डगर में नई सफ़र में ठोकर मिलती है
प्यार में गर धोखा खाओगे मारे जाओगे
कहने को चाहे कुछ भी कह लो लेकिन सच है
उस को भूल नहीं पाओगे मारे जाओगे
देखो कैसे बदले हैं तेवर उस लड़की के
गर फिर इश्क़ में आओगे मारे जाओगे
'रंजन' मुझ को डर लगता है प्यार मोहब्बत से
इश्क़ में क्या ही कर पाओगे मारे जाओगे
— ABHISHEK RANJAN















