प्यार करोगे तो इक बात से डरना फिर
तन्हा हो जाओगे देखो वरना फिर
नंबर सेव है लेकिन कॉल नहीं करता
छोड़ दिया है देखो उस पर मरना फिर
आलिंगन वाली फोटो है डीपी पर
कैसे छोड़ूँ बोलो शक अब करना फिर
मैं कुछ भी बोलूँ तो कहती बंदिश है
सोच को बदलो चली जाऊँगी वरना फिर
उस को मुझ को दुख देकर अच्छा लगता है
'रंजन' सुधरो वरना प्यार में मरना फिर
— ABHISHEK RANJAN















