फ़रियाद है ज़िंदगी ऐसा कुछ नहीं
बर्बाद है ज़िंदगी ऐसा कुछ नहीं
उस के ही जाने से थोड़ा सा हूँ दुखी
पर याद है ज़िंदगी ऐसा कुछ नहीं
वो साथ उस का मुझे अच्छा लगता पर
नाशाद है ज़िंदगी ऐसा कुछ नहीं
प्यारे भी दिन याद आते पर आगे अब
अपवाद है ज़िंदगी ऐसा कुछ नहीं
अब हौसला डगमगाया है मेरा पर
उफ़्ताद है ज़िंदगी ऐसा कुछ नहीं
— Shubham Upwan














